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पहली बार चैत्र नवरात्रि में जम्मू से मदुरै तक माता मंदिरों में भक्तों पर रोक, विदेशों के 13 शक्तिपीठ भी बंद

भोपाल. बुधवार से चैत्र नवरात्र और हिंदु नववर्ष शुरू हो रहे हैं। इतिहास में संभवतः पहला ही मौका होगा जब देश में जम्मू के वैष्णोदेवी से मदुरै के मीनाक्षी मंदिर तकसारे माता मंदिर नवरात्र में भक्तों के लिए बंद रहेंगे। मंदिरों में नवरात्र की सारी विधियां और पूजन तो होंगे लेकिन उनका दर्शन करने वाले नहीं होंगे। कोरोना वायरस के चलते देश के सारे मंदिर इस समय आम लोगों के लिए बंद हैं, सिर्फि पंडे-पुजारियों को ही मंदिरों में प्रवेश मिल रहा है। ऐसे में चैत्र नवरात्र पर ना तो बाहरी लोग दर्शन कर सकेंगे, ना मंदिर के किसी आयोजन में हिस्सा ले सकेंगे। ज्यादातर मंदिरों ने भक्तों के लिए यू-ट्यूब चैनल्स और मंदिर की वेबसाइट्स पर लाइव स्ट्रिमिंग की व्यवस्था की है। वहीं, तिरुमाला तिरुपति देवस्थानम् ट्रस्ट ने भी अपना 9 दिनी राम जन्म और विवाह उत्सव को रद्द कर दिया है। देशभर में राम नवमी के उत्सवों पर भी भारी असर पड़ने वाला है।

भारत में नवरात्रि एक बड़ा उत्सव है। चैत्र नवरात्रि इसलिए भी खास है क्योंकि ये हिंदु नववर्ष का पहला दिन है। इस दिन ही विक्रम संवत के नए संवत्सर की शुरुआत होती है। 25 मार्च को हिंदु संवत्सर 2077 शुरू होगा। इसके साथ ही नवरात्रि के आखिरी दिन नवमी तिथि को भगवान राम का जन्मोत्सव मनाया जाता है। चैत्र मास के शुक्लपक्ष की नवमी को राम जन्म और पूर्णिमा पर हनुमान जन्मोत्सव मनाया जाता है। भारत में देवी के 51 शक्तिपीठों में से 38 भारत में है, 6 बांग्लादेश, 3 नेपाल, 2 पाकिस्तान, 1 तिब्बत और एक श्रीलंका में मौजूद है। इस बार पहली बार ऐसा हो रहा है, जब लगभग सभी 51 शक्तिपीठ वाले देश एक सी समस्या से ग्रसित हैं, और लगभग किसी भी मंदिर में भक्तों के लिए इस नवरात्रि में प्रवेश की अनुमति नहीं है।

  • हिमाचल के तीनों माता मंदिर बंद

हिमाचल प्रदेश के तीनों माता मंदिर ज्वाला देवी, बृजेश्वरी माता मंदिर और कांगड़ा का चामुंडा माता मंदिर में 31 मार्च तक दर्शनार्थियों का प्रवेश बंद रहेगा। यहां नवरात्रि की सारी पूजाएं और विधियां परंपरा के मुताबिक ही होंगी। मंदिर कोरोना वायरस अटैक के चलते 17 मार्च से बंद हैं। यहां प्रशासन ने दर्शन के लिए दो तरह की व्यवस्थाएं की हैं। मंदिरों की यू-ट्यूब चैनल्स और ऑफिशियल वेबसाइट्स पर लाइव स्ट्रिमिंग के जरिए दर्शन कराए जाएंगे।

गुवाहाटी में स्थित तंत्र पीठ माता कामाख्या मंदिर।
  • कामाख्या मंदिर, असम अगले आदेश तक बंद

गुवाहाटी के नीलांचल पर्वत पर स्थित तंत्र पीठ कामाख्या मंदिर देश के उन चंद मंदिरों में से एक है, जहां कभी भक्तों की संख्या में कमी नहीं आती। नवरात्रि में तो यहां ज्योतिष और तंत्र साधना करने वालों का मेल लगता है। मंदिर के लिए नवरात्र ही सबसे बड़ा उत्सव है। लेकिन, 18 मार्च को मंदिर अगले आदेश तक आम लोगों के लिए बंद कर दिया गया है। मंदिर के जुड़े लोगों का कहना है कि इतिहास में संभवतः पहली ही बार ऐसा हुआ है, जब चैत्र नवरात्रि के दौरान मंदिर में लोगों का प्रवेश नहीं हो पाएगा। मंदिर की वेबसाइट माता कामाख्या ओआरजी पर दर्शन कर पाएंगे।

  • तिरुपति ट्रस्ट का राम नवमी ब्रह्मोत्सव में निरस्त

तिरुमाला तिरुपति देवस्थानम् ट्रस्ट के ही आंध्र प्रदेश के वोंतिमित्ता में स्थिति कोदंड रामास्वामी मंदिर में रामनवमी से शुरू होने वाले ब्रह्मोत्सव को निरस्त कर दिया है। नौ दिन के इस ब्रह्मोत्सव की शुरुआत 2 अप्रैल से रामजन्मोत्सव के साथ होनी थी। 7 अप्रैल को यहां सीताराम कल्याणम् (सीता-राम विवाह) का आयोजन भी होना था, जिसमें बड़ी संख्या में भक्त एकत्रित होते हैं। ये सीताराम विवाह का आयोजन मंदिर में ही होगा, लेकिन इसमें आम लोगों को आने की अनुमति नहीं होगी। मंदिर के पुजारी और अधिकारी ही इसे आयोजित करेंगे।

गुजरात का अंबाजी शक्तिपीठ मंदिर।
  • अंबाजी मंदिर, गुजरात 31 तक दर्शन बंद

गुजरात के शक्तिपीठ अंबाजी में भी 31 मार्च तक आम लोगों को प्रवेश नहीं दिया जा रहा है। गुजरात के पांचों प्रमुख तीर्थ सोमनाथ, द्वारिका, अंबाजी, डाकोरजी और पावागढ़ में पिछले हफ्ते ही आम लोगों का प्रवेश रोक दिया गया था। यहां भी नवरात्रि के सारे पूजन-अनुष्ठान तय रूप में ही होंगे लेकिन दर्शन यू-ट्यूब और भक्ति चैनल्स के जरिए किए जा सकेंगे।

  • हरसिद्धि मंदिर उज्जैन भी अगले आदेश तक बंद

उज्जैन के शक्तिपीठ हरसिद्धि में भी आम लोगों के लिए दर्शन व्यवस्था स्थगित रहेगी। मंदिर में हर साल चैत्र और शारदीय नवरात्र में बड़ी संख्या में लोग आते हैं। दर्शन करने वालों के साथ ही अलग-अलग तरह की साधनाएं करने वाले भक्त भी आते हैं। यहां मंदिर में पूरे दिन अलग-अलग तरह की पूजा-अनुष्ठान होते हैं, जो कोरोना के बावजूद भी होंगे। मंदिर के फेसबुक पेज और यू-ट्यूब पर मंदिर के दर्शन किए जा सकते हैं।



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Navratri 2020 Corona Virus impact For the first time, Chaitra Navaratri prohibits devotees in Mata temples from Vaishnodevi to Madurai, 13 Shaktipeeths from foreign countries are also closed


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