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लॉकडाउन में इंसान का अकेलापन दूर कर रहे जानवर, देखें दुनिया भर में इनके बीच कैसे पनप रहे नए रिश्ते

अधिकतर देशों में भले ही धीरे-धीरे लॉकडाउन खुलना शुरू हो गया हो। लेकिन, अभी भी बड़ी संख्या में लोग या तो वर्क फ्रॉम होम पर हैं, या फिर उस सेक्टर से ताल्लुक रखते हैं, जिसे लॉकडाउन में भी शुरू होने की छूट नहीं मिली है। घर में अकेले समय बिताना आसान नहीं है। लेकिन, लॉकडाउन में दूसरे इंसानों से दूर रहना मना है, अन्य जीवों से नहीं। धरती पर और भी जीव हैं, जो लॉकडाउन में आपके अकेलेपन को दूर कर सकते हैं। लोग ऐसा कर भी रहे हैं। यही वजह है कि दुनिया भर में जानवरों और इंसानों के बीच एक नया रिश्ता पनपता हुआ देखा जा सकता है।
जानें दुनिया के अलग-अलग हिस्सों में मौजूद उन लोगों की कहानियां जो कई तरह केजीवों के साथ खुशी से अपना लॉकडाउन बिता रहे हैं।

इसइंजीनियर ने गिलहरियों के लिए खाने के साथ एक्टिविटीज का भी किया इंतजाम

नासा और एप्पल में इंजीनियर रह चुके मार्क रॉबर जब अपने गार्डन में पक्षियों के लिए खाना रखते, तो पूरा खानाअकेले गिलहरियां ही चट कर जाती थीं। इस समस्या से छुटकारा पाने के लिए मार्क ने अपने घर के बैकयार्ड में गिलहरियों के लिए एक सैट तैयार किया। इसमें अपने पसंदीदा खाने तक पहुंचने के लिए गिलहरियों को कई ऑब्सटेकल्स ( बाधाएं) पार करने होते हैं। गिलहरियां आश्चर्यजनक रूप से इन बाधाओं को पार करके खाने तक पहुंच भी रही हैं। इससे जुड़ा वीडियो भी मार्क ने सोशल मीडिया पर शेयर किया है, जिसे खूब पसंद किया जा रहा है।

गिलहरियों के लिए इस तरह के कई ऑब्सटेकल्स बनाए गए हैं

ऑब्सटेकल्स बनाने के लिए मार्क ने मैकेनिकल इंजीनियरिंग की स्किल्स का भरपूर उपयोग किया है।

गिलहरियों का अधिकतर समय अब खाने के लिए मशक्कत करने में गुजरता है। इससे पक्षियों का खाना सुरक्षित रहता है।

कड़ी मेहनत के बाद आखिर खाने तक पहुंच ही गए


रॉबिन बर्ड का आशियाना बनाकर खुद को एंग्जाइटी से बाहर ला रहे डॉन एस्परै
मूल रूप से अमेरिका और यूरोप में पाई जाने वाली सॉन्ग बर्ड, जिसका नाम है रॉबिन बर्ड। जितनी खूबसूरत चिड़िया होती है, उतने ही अनोखे इसके अंडे भी होते हैं। पहली नजर में देखने पर लगता है कि किसी ने सफेद अंडों पर नीला रंग पोत दिया है। लेकिन, इनका प्राकृतिक रंग ऐसा ही है। डॉन एस्परै लंबे समय से अपने घर में कई तरह की बर्ड्स का जन्म होते देखते आए हैं। लेकिन इस बार रॉबिन बर्ड्स का यह परिवार उनके लिए कुछ खास है। बर्ड्स का परिवार बनते देखने का सुखद अहसास उन्हें एंग्जाइटी से बाहर निकलने में मदद कर रहा है।

डॉन एस्परे खुद को व्यस्त रखने के लिए घर के पास स्थित पेड़ों को अपनी क्रिएटिविटी के जरिए इस तरह सजाकर खूबसूरत बनाते हैं। यह पेड़ पक्षियों के साथ पड़ोसियों को भी आकर्षित कर रहे हैं।

गिलहरियों को लुभाने, घर पर बनाया सुपरमार्केट

डेरिल ग्रेंजर और उनकी पत्नि करेन फोटोग्राफर हैं। एक दिन बैकयार्ड में बैठे हुए उन्हें ख्याल आया कि क्यों न गिलहरियों के लिए एक बेहतरीन सैट बनाया जाए। कनाडा के इस कपल ने तीन सुपरमार्केट नुमा सैट बनाए हैं। जहां गिलहरियों के खाने-पीने के सामान को सुपरमार्केट की तर्ज पर सजाया गया है।

गिलहरियों के आते ही दोनों फोटोग्राफर का फोटोशूट शुरू हो जाता है।
गिलहरियों के अलावा सुपरमार्केट में अन्य मेहमान भी आ रहे हैं
सभी प्रोडक्ट्स पर प्राइज टैग भी लगे हैं, जिससे यह बिल्कुल असली लगे।
दो सुपरमार्केट बन चुके हैं, तीसरा अंडरकंस्ट्रक्शन है


रिक ने गिलहरियों के लिए बनाई पिकनिक टैबल
यूनाइटेड स्टेट्स के पेंसिलवेनिया में रहने वाले 43 वर्षीय रिक कलिनोव्स्कीने गिलहरियों के लिए अपने गार्डन में एक छोटी पिकनिक टेबल बनाई है। यहां एक साथ दो गिलहरियों के बैठने की व्यवस्था की गई है।

रिंक के दिन की शुरुआत गिलहरियों को टेबल पर नाश्ता सर्व करने के साथ होती है

10 साल पहले बर्ड्स के लिए बनाया गार्डन लॉकडाउन में दे रहा राहत
बर्ड्स के साथ समय बिताना चाहते हैं, तो सिर्फ उनके लिए पर्याप्त भोजन उपलब्ध कराना काफी नहीं है। बल्कि उनके अनुकूल माहौल भी तैयार करना होता है। 10 साल पहले इंग्लैंड के लैनकास्टर में रहने वाले जेट हैरिस ने अपने गार्डन को इस तरह से तैयार किया, जो बर्ड्स को आकर्षित करे। गौरेया, गोल्डफिंच, डननॉक और रॉबिन बर्ड्स के जोड़े नियमित रूप से जेट के गार्डन में आते हैं। लॉकडाउन में अलग यह हुआ है कि अब जेट अपने इन साथियों के साथ ज्यादा समय बिता पा रहे हैं।

फोटो सोर्स : द गार्जियन


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In the lockdown, animals who are removing human loneliness, see how the new relationship between these two is flourishing across the world


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