Skip to main content

10 साल में ब्रेस्ट कैंसर के मामले 30% तक बढ़े, ब्रेस्ट में ये बदलाव दिखें तो अलर्ट हो जाएं; शुरुआती स्टेज में इलाज आसान है

देश में पिछले 10 साल में कैंसर के मामले 30 फीसदी तक बढ़े हैं। हर साल अक्टूबर माह को ब्रेस्ट कैंसर अवेयरनेस मंथ के तौर पर मनाया जाता है। बावजूद इसके देश में 80 फीसदी महिलाएं डॉक्टर्स के पास कैंसर की तीसरी या चौथी स्टेज में पहुंचती हैं।

मेदांता की ब्रेस्ट कैंसर सविसेज की डायरेक्टर डॉ. कंचन कौर कहती हैं, भारत में ज्यादातर महिलाएं मानती हैं कि परिवार में ब्रेस्ट कैंसर कभी किसी को नहीं हुआ, इसलिए मुझे भी नहीं हो सकता। यह गलत धारणा है। ब्रेस्ट कैंसर के 90 फीसदी मामले ऐसी महिलाओं में सामने आते हैं, जिनके घर में कभी किसी को कैंसर नहीं हुआ। ब्रेस्ट कैंसर से कैसे बचें और किन बातों का ध्यान रखें, बता रही हैं डॉ. कंचन कौर...

ब्रेस्ट में ये बदलाव दिखने पर अलर्ट हो जाएं?

स्तन में गांठ, स्तन के निप्पल के आकार या स्किन में बदलाव, स्तन का सख्त होना, यहां पर किसी घाव का लम्बे समय ठीक न होना और निप्पल से रक्त या लिक्विड निकलना इसके लक्षण हैं। इसके अलावा स्तन में दर्द, बाहों के नीचे भी गांठ होना भी स्तन कैंसर के संकेत हैं। हालांकि स्तन में हर गांठ कैंसर नहीं होती, लेकिन इसकी जांच करवाना बेहद जरूरी है, ताकि आगे चलकर कैंसर का रूप ना ले। इस रोग से डरे नहीं क्योंकि इसका इलाज संभव है। पहली स्टेज में ही अगर इस रोग की पहचान हो जाती है तो इसे जड़ से खत्म किया जा सकता है।

क्यों होता है यह कैंसर

बढ़ती उम्र के अलावा हार्मोनल थैरेपी में दी जाने वाली दवाएं, अधिक उम्र में शादी करने के साथ ही अधिक उम्र में बेबी प्लान करना, खराब जीवनशैली और अल्कोहल लेने से यह कैंसर हो सकता है। स्तन कैंसर का कारण आनुवांशिक भी हो सकता है, लेकिन ऐसा सिर्फ 5-10 प्रतिशत महिलाओं में ही पाया जाता है।

किस उम्र में यह कैंसर होने का खतरा ज्यादा?

आमतौर पर 40 की उम्र के बाद इसकी आशंका बढ़ जाती है। इसके अलावा फैमिली हिस्ट्री है तो भी ब्रेस्ट कैंसर हो सकता है।

कैसे पता लगाएं कैंसर हुआ है या नहीं?

इसके लक्षण शुरुआत में दिखाई नहीं देते। लेकिन सेल्फ एग्जामिनेशन और मैमोग्राम जांच करवाकर इसका पता लगा सकते हैं। अलग-अलग महिलाओं में स्तन कैंसर के लक्षण भी अलग पाए जाते हैं। इसलिए कोई भी लक्षण दिखने पर डॉक्टरी सलाह जरूर लें।

7 गलतियां जो बढ़ाती हैं ब्रेस्ट कैंसर का खतरा

1. बढ़ता मोटापा

महिलाओं का बढ़ता मोटापा ब्रेस्ट कैंसर का कारण बनता है। खासतौर पर मेनोपॉज के बाद महिलाओं में ब्रेस्ट कैंसर होने का खतरा बहुत ज्यादा बढ़ने लगता है। ऐसा इसलिए होता है क्योंकि बॉडी में ज्यादा हार्मोन्स फैट टिशु से निकलते हैं। बहुत अधिक फैट जब बॉडी पर जमा होने लगता है तो एस्ट्रोजेन का लेवल कम होता है और कैंसर का खतरा बढ़ता है।

2. ब्रेस्ट फीडिंग न कराने पर

अधिकांश महिलाओं का मानना है कि ब्रेस्टफीडिंग कराने से उनका फिगर खराब हो जाता है। इसलिए वे इसे अवॉयड करती हैं। ऐसी महिलाओं को ब्रेस्ट कैंसर का खतरा अधिक रहता है। दरअसल ब्रेस्टफीडिंग कराने से हार्मोंस बैलेंस में रहते हैं, जबकि जो महिलाएं ब्रेस्टफीडिंग नहीं कराती उनमें हार्मोंस का संतुलन बिगड़ता है और ब्रेस्ट कैंसर की आशंका बढ़ती है।

3.खानपान का ध्यान न रखने पर

जो महिलाएं अपने खानपान का ध्यान नहीं रखती हैं, उनमें ब्रेस्ट ट्यूमर का खतरा अधिक होता है। ज्यादा मीठा, केचअप, स्पोर्टस ड्रिंक, चॉकलेट मिल्क सहित शुगर युक्त फूड ब्रेस्ट कैंसर की कोशिकाओं को बढ़ाने में मदद करते हैं। इसी तरह प्रोसेस्ड फूड में मिलने वाला फैट ब्रेस्ट कैंसर की वजह बन सकता है। इसलिए इस तरह की डाइट अवॉयड करें। फास्ट फूड जैसे बर्गर, फ्रेंच फ्राइज, चाट, रेड मीट ब्रेस्ट कैंसर के खतरे को बढ़ाते हैं।

4. लम्बे समय से गर्भनिरोधक दवाएं लेने पर

अगर आप लंबे समय तक गर्भनिरोधक दवाएं खाती हैं तो इससे भी ब्रेस्ट कैंसर का खतरा 50 प्रतिशत तक बढ़ जाता है। इन दवाओं में एस्ट्रोजन की मात्रा अधिक होती है जो शरीर में जरूरत से ज्यादा हो जाए तो ब्रेस्ट कैंसर का खतरा बढ़ता है। इतना ही नहीं बल्कि बर्थ कंट्रोल इंजेक्शन व अन्य तरीके भी ब्रेस्ट कैंसर के खतरे को बढ़ातेहैं। इसलिए इनके लंबे समय तक उपयोग से बचें।

5. प्लास्टिक की चीजों का अधिक इस्तेमाल

घर में, सफर के दौरान या मीटिंग में प्लास्टिक की बोतल में पानी पीना या इससे बने बर्तनों में खाना खाने से ब्रेस्ट कैंसर का खतरा बढ़ता है। दरअसल प्लास्टिक कंटेनर्स में इंडोक्राइन डिसरप्टिंग कैमिकल जैसा रसायन होता है जो शरीर के हार्मोनल सिस्टम को नुकसान पहुंचाता है।

6. एक्सरसाइज से दूरी बनाना

जो महिलाएं एक्सरसाइज करने से बचती हैं, उनमें ब्रेस्ट कैंसर का खतरा कई गुना बढ़ जाता है। मेनोपॉज के बाद तो महिलाओं के लिए एक्सरसाइज करना बहुत जरूरी होता है। अगर आपको हेवी एक्सरसाइज पसंद न हो तो रोज आधे घंटे की सैर कर सकती हैं। आप चाहें तो बागवानी या तैराकी जैसे विकल्प चुनकर भी अपनी फिटनेस को मेंटेन कर सकती हैं। इससे पेट और कमर की चर्बी कम करने में भी मदद मिलती है।

7. शराब और स्मोकिंग की लत

विश्व स्वास्थ्य संगठन की रिपोर्ट के अनुसार शराब पीने, स्मोकिंग से स्तन के कैंसर का खतरा 8% तक बढ़ता है। शराब महिलाओं के सेक्स हार्मोन का स्तर बढ़ाती है। जर्नल ऑफ दी अमेरिकन मेडिकल एसोसिएशन की रिपोर्ट के मुताबिक शराब से ब्रेस्ट ट्यूमर की ग्रोथ बढ़ती है।



Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today
Breast cancer cases increased by 30% in 10 years, if you see these changes in the breast, then be alert because the treatment is easy in the stage.


from दैनिक भास्कर,,1733

Comments

Trending

Health

Popular posts from this blog

आपका दिल कैसा है, यह 70% खाने पर निर्भर इसलिए अनाज, बींस, फल और सब्जियां खाएं, बेकरी प्रोडक्ट्स, चिप्स और रेडी टू ईट फूड अवॉयड करें

कोरोना की वजह से सभी की फिजिकल एक्टिविटी कम हो गई है। स्वास्थ्य के लिए नए खतरे सामने आ रहे हैं। वर्क फ्रॉम होम, स्कूल-कॉलेज बंद होने से लोगों का सीटिंग टाइम बढ़ गया है। इससे हार्ट की बीमारी का खतरा डेढ़ गुना बढ़ गया है। इससे बचने के उपाय हैं रोज 30 मिनट हंसना और आधे घंटे व्यायाम करना। साथ ही दिल को हेल्दी रखने के लिए क्या खाएं और क्या न खाएं, ये भी जानना जरूरी है। आज वर्ल्ड हार्ट डे पर जानिए दिल से जुड़ी खास बातें : क्या खाएं सेहतमंद दिल के लिए नियमित दिनचर्या और एक्सरसाइज की हिस्सेदारी 70% है। हेल्दी हार्ट के लिए खाने में जैतून, नारियल और सरसों के तेल जैसे हेल्दी फैट्स शामिल करना चाहिए। साबुत अनाज, बींस, फलियां, फल और सब्जियों में फाइबर होता है। पालक में विटामिन के होता है। स्ट्रॉबेरी, ब्लैकबेरी में भी बैड कोलेस्ट्रॉल घटाने की क्षमता होती है। खाना बनाने में कम तेल का उपयोग करते हुए रोस्टिंग, स्टीमिंग का तरीका अपनाएं। आपके लिए क्या है नुकसानदायक रोज दिनभर में एक चम्मच से ज्यादा नमक न लें। जितनी शुगर शरीर को चाहिए वह भोजन में मिल जाती है। एडेड शुगर वाले ड्रिंक मोटापा, हाई कोलेस्ट्रॉल...

मेष से मीन तक, हर राशि के लिए कुछ-ना-कुछ खास लेकर आ रहा है नया साल

जीवन मंत्र डेस्क. कुछ घंटों बाद साल 2020 शुरू हो जाएगा। आर्ट ऑफ लिविंग समूह के वैदिक धर्म संस्थान के एस्ट्रोलॉजर आशुतोष चावला ने अपने आध्यात्मिक विश्लेषण के जरिए 12 राशियों के लिए 2020 कैसा रहेगा, ये बताता है। किन राशियों को ग्रहों की चाल से नए साल में फायदा हो सकता है, किन लोगों को इस साल सावधानियां बरतनी पड़ सकती हैं, क्या आध्यात्मिक उपाय करने चाहिए, जानिए एस्ट्रोलॉजर आशुतोष चावला से। मेष मेष राशि वालों के लिए यह साल शुभ रहने वाला है। धर्म की वृद्धि होगी, तीर्थ यात्रा करेंगे, गुरु का सान्निध्य मिल सकता है। पदोन्नति हो सकती है। अगर आप लंबे समय से अपनी तरक्की के इंतजार में हैं, तो यह साल उचित सिद्ध होगा। कुछ नई शुरुआत करने के लिए भी यह साल बहुत उपयुक्त है। अगर आप किसी भी तरह के डिजिटल मीडिया से जुड़े हुए हैं - इंटरनेट, वेबसाइट, सोशल मीडिया पर, तो इस साल आपके सोशल मीडिया समुदाय को बढ़ाने के लिए भी बहुत अच्छा रहेगा। उपाय - हर रोज अपने गुरु द्वारा दिए गया मंत्र या फिर गुरु-मंत्र - ' गुरुर्ब्रह्मा गुरुर्विष्णु र्गुरुर्देवो महेश्वरः, गुरु साक्षात परब्रह्मा तस्मै श्रीगुरवे नमः ...

4 महीने बाद मिथुन राशि में शुक्र का आना देश के लिए अच्छा संकेत; लेकिन मकर और धनु राशि वालों को रहना होगा संभलकर

1 अगस्त को शुक्र मिथुन राशि में आ जाएगा। इससे पहले ये ग्रह 30 मार्च से वृष राशि में था। काशी के ज्योतिषाचार्य पं. गणेश मिश्र ने बताया कि शुक्र ग्रह आमतौर पर एक राशि में 23 दिन तक रहता है। लेकिन इस बार 4 महीने बाद ये ग्रह राशि बदल रहा है और 31 अगस्त तक मिथुन राशि में ही रहेगा। फिर कर्क में चला जायेगा | शुक्र के अपने मित्र बुध की राशि मिथुन में आने से मौसमी बदलाव होंगे। शुक्र का राशि बदलना देश के लिए कई तरह से शुभ रहेगा। जिसका असर मौसम, देश-दुनिया और सभी राशियों पर पड़ेगा। शुक्र के राशि बदलने से मिथुन, वृष, मेष, मीन, कुम्भ, वृश्चिक, तुला और सिंह राशि वाले लोगों के लिए अच्छा समय रहेगा। इनके अलावा मकर और धनु राशि वाले लोगों की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। वहीं कन्या और कर्क राशि वाले लोगों के लिए मिला-जुला समय रहेगा। शुक्र के राशि बदलने से देश-दुनिया पर प्रभाव देश में शैक्षणिक और धार्मिक गतिविधियां बढ़ेंगी। पूर्वी देशों और पूर्वी राज्यों में बारिश ज्यादा हो सकती है। बाढ़ की संभावना भी बन रही है। देश के अन्य हिस्सों में मौसम और वातावरण अनुकूल होगा। देश के दक्षिणी राज्यों के लिए समय अच्छा रहे...

ग्रह-नक्षत्रों के अनुसार कुछ लोगों के लिए ठीक नहीं है छुट्टी का दिन

जीवन मंत्र डेस्क. रविवार 29 दिसंबर यानी आज सूर्य और चंद्रमा की स्थिति से हर्षण नाम का योग बन रहा है। वहीं श्रवण नक्षत्र के कारण गद नाम का एक अशुभ योग भी बन रहा है। इस तरह एक शुभ और एक अशुभ योग बनने से 12 में से 6 राशियों के लिए दिन ठीक नहीं है। वहीं अन्य 6 राशियों के लिए दिन शुभ रहेगा। एस्ट्रोलॉजर बेजान दारूवाला के अनुसार आज कुछ लोगों के सोचे हुए काम पूरे हो जाएंगे और कुछ लोग परेशान भी हो सकते हैं। आपकी राशि के लिए कुछ ऐसा रहेगा छुट्टी का दिन Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today According to planetary constellations, some people do not have a good day off from Dainik Bhaskar https://ift.tt/2ZusB4O

अगर कोई खाने पर बुलाए तो उसकी सोच और नीयत कैसी है, इस बात का ध्यान जरूर रखें

कहानी - महाभारत में पांडवों का 12 वर्ष का वनवास और 1 वर्ष का अज्ञातवास पूरा हो चुका था। इसके बाद श्रीकृष्ण पांडवों के दूत बनकर हस्तिनापुर पहुंचे और दुर्योधन से कहा कि अब पांडवों को उनका राज्य लौटा दो। लेकिन, दुर्योधन ने कृष्ण की बात नहीं मानी। कृष्ण ने दुर्योधन को कई तरह से समझाने की कोशिश की, लेकिन दुर्योधन पांडवों को एक गांव तक देने के लिए तैयार नहीं था। तब श्रीकृष्ण दरबार से जाने लगे तो दुर्योधन ने उनसे कहा, 'आप हमारे यहां आए तो बिना भोजन किए कैसे जा सकते हैं, मैं आपको मेरे यहां भोजन करने के लिए आमंत्रित करता हूं।' कृष्ण बोले, 'मेरा ये नियम है कि मैं किसी के यहां और किसी के साथ भोजन करते समय दो बातें ध्यान रखता हूं। पहली, मुझे बहुत भूख लगी हो। दूसरी, सामने वाला मुझे बहुत प्रेम से खिला रहा हो। इस समय तुम्हारे साथ ये दोनों बातें नहीं हैं। पहली बात, मुझे अभी भूख नहीं लगी है। दूसरी बात, तुम मेरी सही बात नहीं मान रहे हो। तुम मुझे खाना खिलाना चाहते हो, लेकिन मुझे इसमें प्रेम दिखाई नहीं दे रहा है। जैसा तुम्हारा स्वभाव है, इसमें भी कोई षड़यंत्र हो सकता है।' इसके बाद कृष...

टेक्सास की नताली का 'सेल्फी केक' सोशल मीडिया पर हुआ वायरल, हाइपर रियलिस्टिक केक के ट्रेंड को नई ऊंचाईयां देने के लिए ईजाद किया इसे

एक बेकर का सेल्फी केक देखकर आप यकीनन चौंक जाएंगे। बेकर की शक्ल से हूबहू मिलने वाला यह केक सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। इस केक को जब सिर से लेकर चेहरे तक काटा गया तो भी लोगों ने सोशल मीडिया के जरिये तरह-तरह के रिएक्शन दिए। 'एवरीथिंग इज केक' ट्रेंड का ये दौर सोशल मीडिया पर उस वक्त चला जब कुछ क्रिएटिव बेकर्स ने रोजमर्रा के काम आने वाली चीजों को केक के रूप में पेश करना शुरू किया। सोशल मीडिया पर इस तरह के केक के वीडियोज और फोटोज खूब देखने को मिलते हैं। इन सब चीजों से अलग टेक्सास की एक बेकर ने 'हाइपर रियलिस्टिक केक' बनाया है। इस बेकर का नाम नताली साइडसर्फ है जो अपनी क्रिएटिविटी के जरिये केक के ट्रेंड को नई ऊंचाईयां देना चाहती हैं। इससे पहले भी उनके बेकरी क्रिएशन को सोशल मीडिया पर सराहा जा चुका है। इससे पहले वे अल्फाबेट नूडल्स सूप बनाने को लेकर चर्चित हुई थीं। केक में नताली का मुस्कुराता हुआ चेहरा बिल्कुल उनकी तरह ही दिख रहा है। इस केक को लेकर लोगों के कमेंट्स उस वक्त बढ़े जब नताली ने केक काटते हुए अपना वीडियो शेयर किया। सोशल मीडिया पर नताली की तारीफ करते हुए किसी ने...

इम्यून सिस्टम को कैसे बनाएं बीमारियों की ढाल, जानें वायरस के खिलाफ हमारा एंटी-वायरस

लाइफस्टाइल डेस्क. वायरस या बैक्टीरिया उस व्यक्ति को ज्यादा प्रभावित नहीं करते, जिसकी इम्युनिटी बेहतर होती है। जाने-माने एलोपैथी एक्सपर्ट्स के अलावा अध्यात्म, आयुर्वेद और योग विशेषज्ञों से जानते हैं कि कैसे बढ़ा सकते हैं अपनी इम्युनिटी... ‘नो वल कोरोनावायरस’ ने भारत सहित पूरी दुनिया में तबाही मचा रखी है। इस एक वायरस (सार्स-कोव-2) से लाखों लोग संक्रमण का शिकार हो रहे हैं। इसका टीका बनने में लंबा वक्त लग सकता है। आखिर हम कब तक लॉकडाउन करते रहेंगे? वायरस और उससे जुड़ी बीमारियों को रोकना हमारे हाथों में नहीं है, लेकिन ऐसी बीमारियों के सामने डटकर खड़े रहना और खुद को मजबूत करना हमारे हाथ में हो सकता है। हम मजबूत तब बनेंगे, जब हमारा प्रतिरक्षा तंत्र यानी इम्युनिटी सिस्टम मजबूत बनेगा। यह हमारे शरीर का वह रक्षा कवच है, जो हमें बीमारियों से बचाता है। क्या है इम्यून सिस्टम? इम्युनिट सिस्टम हमारे शरीर वह रक्षा कवच है वायरस, बैक्टीरिया, फंगी, एल्गी समेत उन तमाम रोगाणुओं के सामने ढाल बनता है, जो बीमारियों का कारण बनते हैं। यह सिस्टम कोई एक कोशिका नहीं, बल्कि कई कोशिकाओं के समूह के साथ शरीर का बाह...

छह ब्रीदिंग एक्सरसाइज जिन्हें रोज करेंगे तो मोटापा और तनाव घटेगा; रोगों से लड़ने की क्षमता बढ़ेगी

हम दिन में करीब 25 हजार बार सांस लेते हैं। लेकिन शरीर की इस प्रक्रिया को सुधारने के लिए कई लोग कभी कुछ नहीं करते। ब्रीद : द न्यू साइंस ऑफ ए लॉस्ट आर्ट के लेखक जेम्स नेस्टर कहते हैं- कोविड काल में अगर कुछ अच्छा हुआ है तो वह सांस से जुड़ा हुआ है। लोग अब सांस लेने के तरीकों, एक्सरसाइज पर बात कर रहे हैं। नेस्टर कहते हैं- जब तक आप सही तरीके से सांस नहीं लेना जानते...तब तक स्वाभाविक रूप से सेहतमंद नहीं हो सकते। रिसर्च कहती है अगर हम सांस लेने के तरीकों को सुधार लें तो मोटापे और तनाव जैसी बीमारियों में मदद मिल सकती है। इसी तरह शरीर की परफॉर्मेंस सुधार सकते हैं। कई ऐसी ब्रीदिंग एक्सरसाइज भी हैं जो तनाव और मोटापा घटाकर इम्युनिटी को बढ़ाती है। पेक्टोरल रोल 1. पेक्टोरल रोल दीवार की तरफ मुंह करके खड़े हो जाएं। कॉलर बोन के नीचे छाती के पास एक टेनिस अथवा मसाज बॉल रखें। अब दीवार की तरफ झुकते हुए धीरे-धीरे बॉल को आगे पीछे, दाएं-बाएं और कॉलर बोन के नीचे की तरफ कई बार रोल करें। अब इसे दूसरी तरफ करें। इंटरकॉस्टल रोल 2. इंटरकॉस्टल रोल दीवार से सटकर खड़े हो जाएं। एक हाथ ऊपर कर पंजे को दीवार पर रख ल...

आलिया से लेकर कृति की खूबसूरती बढ़ा रही सिल्वर ज्वेलरी, कीमत में कम होने की वजह से फैशनेबल गर्ल्स की बनी पहली पसंद

बाॅलीवुड दीवाज जिस तरह की ज्वेलरी पहनना शुरू करती हैं कुछ ही दिनों में वो एक ट्रेंड बन जाता है। वैसे भी बजट में कम होने की वजह से चांदी के गहने गोल्ड या डायमंड के तुलना में आसानी से खरीदे जा सकते हैं। इसे वेस्टर्न से लेकर साड़ी जैसे एथनिक वियर के साथ भी पहना जा सकता है। फैशन में इन रहने का ये लो बजट ऑप्शन गर्ल्स की पहली पसंद बना हुआ है। सिल्वर ज्वेलरी सोनम की सिंपल ड्रेस को एलिगेंट लुक दे रही है। सोनम कपूर उन्हें सिल्वर ज्वेलरी इतनी पसंद है कि वे एयरपोर्ट लुक के साथ भी इसे कैरी करना पसंद करती हैं। बोहो मैक्सी ड्रेस हो या डेनिम्स और ओवरसाइज्ड टॉप सोनम अपने लुक को सिल्वर ज्वेलरी से एक्सेसराइज़ करना पसंद करती हैं। वैसे भी सोनम उन एक्ट्रेसेस में से एक हैं जिन्होंने वेस्टर्न आउटफिट्स के साथ भी सिल्वर ज्वेलरी पेयर करने की शुरुआत की थी। ड्रेस के कलर से मैच करती हुई आलिया की ज्वेलरी उनकी खूबसूरती बढ़ा रही है। आलिया भट्‌ट आलिया की तरह सिल्वर झुमके एथनिक वियर के साथ खूब सूट करते हैं। व्हाइट से लेकर पेस्टल कलर की ड्रेस के साथ इसकी पेयरिंग अच्छी लगती है। अगर आप लाइट पीसेस की शौकीन हैं तो ...

श्रीहरिमंदिर जी पटना साहिब तख्त, यहां हुआ था गुरु गोबिंद सिंह का जन्म

जीवन मंत्र डेस्क. सिख समुदाय के दसवें गुरु गोबिंद सिंह का जन्म पौष माह की शुक्ल पक्ष की सप्तमी तिथि को पटना, मेंं विक्रम संवत 1723 को हुआ था। इस साल यह तिथि 2 जनवरी को आ रही है। गुरु गोबिंद सिंह की याद में ही श्री हरिमंदिरजी पटना साहिब तख्त का निर्माण हुआ था। सिख इतिहास में पटना साहिब का विशेष महत्व है। सिखों के दसवें गुरु, गुरु गोबिंद सिंह का जन्म यहीं 5 जनवरी, 1666 को हुआ था और उनका संपूर्ण बचपन भी यहीं गुजरा था। यही नहीं सिखों के तीन गुरुओं के चरण इस धरती पर पड़े हैं। इस कारण देश व दुनिया के सिख संप्रदाय के लिए पटना साहिब आस्था, श्रद्धा का बड़ा और पवित्र केंद्र व तीर्थस्थान हमेशा से है। सिक्खों को संगठित किया इनका मूल नाम गोविंद राय था। गोविंद सिंह को सैन्य जीवन के प्रति लगाव अपने दादा गुरु हरगोविंद सिंह से मिला था और वह बहुभाषाविद थे, जिन्हें फ़ारसी अरबी, संस्कृत और अपनी मातृभाषा पंजाबी का ज्ञान था। उन्होंने सिक्ख क़ानून को सूत्रबद्ध किया, काव्य रचना की और सिक्ख ग्रंथ दशम ग्रंथ (दसवां खंड) लिखकर प्रसिद्धि पाई। उन्होंने देश, धर्म और स्वतंत्रता की रक्षा के लिए सिक्खों को संगठित...