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सोमवार का राशिफल:आज मेष और वृष राशि वाले लोगों की परेशानियां दूर होंगी, 8 राशियों को मिलेगा सितारों का साथ

आज मिथुन, कन्या, वृश्चिक और कुंभ राशि वाले लोगों को सोच समझकर फैसले लेने होंगे, ठीक नहीं है दिन

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4 महीने बाद मिथुन राशि में शुक्र का आना देश के लिए अच्छा संकेत; लेकिन मकर और धनु राशि वालों को रहना होगा संभलकर

1 अगस्त को शुक्र मिथुन राशि में आ जाएगा। इससे पहले ये ग्रह 30 मार्च से वृष राशि में था। काशी के ज्योतिषाचार्य पं. गणेश मिश्र ने बताया कि शुक्र ग्रह आमतौर पर एक राशि में 23 दिन तक रहता है। लेकिन इस बार 4 महीने बाद ये ग्रह राशि बदल रहा है और 31 अगस्त तक मिथुन राशि में ही रहेगा। फिर कर्क में चला जायेगा | शुक्र के अपने मित्र बुध की राशि मिथुन में आने से मौसमी बदलाव होंगे। शुक्र का राशि बदलना देश के लिए कई तरह से शुभ रहेगा। जिसका असर मौसम, देश-दुनिया और सभी राशियों पर पड़ेगा। शुक्र के राशि बदलने से मिथुन, वृष, मेष, मीन, कुम्भ, वृश्चिक, तुला और सिंह राशि वाले लोगों के लिए अच्छा समय रहेगा। इनके अलावा मकर और धनु राशि वाले लोगों की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। वहीं कन्या और कर्क राशि वाले लोगों के लिए मिला-जुला समय रहेगा। शुक्र के राशि बदलने से देश-दुनिया पर प्रभाव देश में शैक्षणिक और धार्मिक गतिविधियां बढ़ेंगी। पूर्वी देशों और पूर्वी राज्यों में बारिश ज्यादा हो सकती है। बाढ़ की संभावना भी बन रही है। देश के अन्य हिस्सों में मौसम और वातावरण अनुकूल होगा। देश के दक्षिणी राज्यों के लिए समय अच्छा रहे...

विसर्जन के बाद मिट्टी और पानी को गमले या पेड़-पौधों में डालें, ताकि पैर न लगे

1 सितंबर यानी आज अनंत चतुर्दशी पर्व मनाया जा रहा है। 10 दिन तक गणेशजी की पूजा-अर्चना के बाद आज मूर्तियों को विसर्जित किया जाएगा। वैसे तो धार्मिक ग्रंथों में गणेशजी को विसर्जित करने का कोई उल्लेख नहीं मिलता है, लेकिन ऐसा माना जाता है कि महर्षि वेदव्यास जब महाभारत लिखने के लिए एक गुणी लेखक को ढूंढ रहे थे तो इस काम के लिए गणेशजी राजी हुए थे लेकिन उन्होंने शर्त भी रखी कि जब तक महर्षि बिना रुके बोलेंगे वे भी लगातार लिखते रहेंगे। वेदव्यास ने गणेश चतुर्थी के दिन से महाभारत की कथा सुनानी प्रारंभ की थी। गणेशजी लगातार 10 दिन तक कथा लिखते रहे। अत्यधिक मेहनत से बढ़ा तापमान और स्नान के बाद मिली थी राहत महर्षि वेदव्यास महाभारत की कथा सुनाते रहे और गणेश जी लिखते रहे। कथा पूरी होने पर महर्षि वेदव्यास ने आंखें खोली। उन्होंने देखा कि अत्यधिक मेहनत के कारण गणेशजी के शरीर का तापमान बढ़ा हुआ है। लगातार रात-दिन लेखन की वजह से गणेश जी के शरीर का तापमान बढ़ने लगा, तो वेद व्यास ने उनके शरीर पर मिट्टी का लेप लगाकर भाद्र शुक्ल चतुर्थी को उनकी पूजा की। मिट्टी का लेप सूखने पर गणेशजी का शरीर अकड़ गया। उनके शरीर ...

यज्ञ में क्यों दी जाती हैं आहुतियां? यज्ञ की रचना किसने की? यज्ञ और हवन में क्या अंतर है? यज्ञ से जुड़े ऐसे ही सवालों के जवाब

हिंदू धर्म में यज्ञ की परंपरा वैदिक काल से चली आ रही है। हिंदू धर्म ग्रंथों में मनोकामना पूर्ति तथा अनिष्ट को टालने के लिए यज्ञ करने के कई प्रसंग मिलते हैं। रामायण व महाभारत में ऐसे अनेक राजाओं का वर्णन मिलता है, जिन्होंने अनेक यज्ञ किए हैं। देवताओं को प्रसन्न करने के लिए भी यज्ञ किए जाने की परंपरा है। शास्त्रों के अनुसार यज्ञ की रचना सर्वप्रथम परमपिता ब्रह्मा ने की। यज्ञ का संपूर्ण वर्णन वेदों में मिलता है। यज्ञ का दूसरा नाम अग्नि पूजा है। यज्ञ से देवताओं को प्रसन्न किया जा सकता है साथ ही मनचाहा फल भी प्राप्त किया जा सकता है। ब्रह्मा ने मनुष्य के साथ ही यज्ञ की भी रचना की और मनुष्य से कहा इस यज्ञ के द्वारा ही तुम्हारी उन्नति होगी। यज्ञ तुम्हारी इच्छित कामनाओं, आवश्यकताओं को पूर्ण करेगा। तुम यज्ञ के द्वारा देवताओं को पुष्ट करो, वे तुम्हारी उन्नति करेंगे। धर्म ग्रंथों में अग्नि को ईश्वर का मुख माना गया है। इसमें जो कुछ खिलाया (आहूति) जाता है, वास्तव में ब्रह्मभोज है। यज्ञ के मुख में आहूति डालना, परमात्मा को भोजन कराना है। नि:संदेह यज्ञ में देवताओं की आवभगत होती है। धर्म ग्रंथों में ...

6 जुलाई से सावन माह शुरू होगा; इस महीने गुरु पूर्णिमा, तीन एकादशियां रहेंगी, नाग पंचमी मनाई जाएगी, शिव पूजा और मंत्र जाप करें

2020 का सातवां महीना शुरू हो गया है। हिन्दी पंचांग के अनुसार ये इस माह में कई बड़े पर्व आ रहे हैं। जुलाई में सावन माह रहेगा, नाग पंचमी मनाई जाएगी और तीन एकादशियां रहेंगी। जानिए जुलाई 2020 की खास तिथियां और उन तिथियों पर कौन-कौन से शुभ काम कर सकते हैं... 1 जुलाई को देवशयनी एकादशी है। इस दिन भगवान विष्णु की विशेष पूजा करें और उपवास करें। 5 जुलाई को गुरु पूर्णिमा है। इस पूर्णिमा पर अपने गुरु का आशीर्वाद लेने, नदी में स्नान करने का और अपने इष्टदेव के दर्शन करने का विशेष महत्व है। 6 जुलाई से भगवान शिव का प्रिय माह सावन शुरू हो रहा है। ये माह 3 अगस्त तक रहेगा। सावन में शिवजी के लिए व्रत और पूजा करें। 8 जुलाई को गणेश चतुर्थी व्रत रहेगा। इस तिथि पर भगवान गणेशजी के लिए व्रत करने की परंपरा है। 16 जुलाई को कामिका एकादशी का व्रत रखा जाएगा। इस दिन भगवान विष्णु और उनके अवतारों का पूजन करें। 20 जुलाई को सावन माह की अमावस्या है। इसे हरियाली अमावस्या कहते हैं। इस बार सोमवती अमावस्या रहेगी। इस दिन पितरों के लिए तर्पण और श्राद्ध करें। 23 जुलाई को हरियाली तीज रहेगी। इस दिन देवी पार्वती के लिए व्रत...

टिंडे को पनीर में मिलाकर बनाएं या रोस्ट करें, इससे बनी ये 3 डिशेज घर में सबको आएंगी पसंद

टिंडे कई लोगों को बेस्वाद और बोरियत भरी सब्जी लगती है। पर इसे बनाने की कुछ ऐसी रेसिपी हैं जो सबको पसंद आसकती है। इस तरह ये आम सब्जी भी खास और टेस्टी बनेगी।इसकी ये तीन रेसिपी ट्राय करके देखें। पनीर टिंडे क्या चाहिए... टिंडे- 250 ग्राम पनीर-50 ग्राम जीरा- आधाछोटा चम्मच नमक- स्वादानुसार हल्दी- आधाछोटा चम्मच धनिया पाउडर- 1 छोटा चम्मच लाल मिर्च पाउडर- 1 छोटा चम्मच सौंफ दरदरी- आधाछोटा चम्मच, अमचूर पाउडर-आधा छोटा चम्मच, अदरक- 1 इंच बारीक कटा हुआ हरी मिर्च- 1 बारीक कटी हुई तेल- 1 बड़ा चम्मच ऐसे बनाएं... - टिंडे छील लें और ऊपर का हिस्सा ढक्कन की तरह गोलाई में काट लें। पीलर से टिंडे के अंदर का गूदा निकाल दें। कटा हुआ ऊपरी गोल हिस्सा टिंडे के ऊपर ढक्कन की तरह रखें। इसी प्रकार सभी टिंडों का गूदा निकालें। - अब भरावन की सामग्री तैयार करने के लिए कड़ाही में ज़रा-सा तेल डालकर जीरा तड़काएं। फिर अदरक, हरी मिर्च, टिंडों का गूदा और पनीर डालकर चलाएं। नमक और सभी मसाले डालकर अच्छी तरह से मिलाएं और भूनें। मसाला ठंडा करके टिंडों में भर लें। हर टिंडे का कटा हुआ ऊपरी गोल हिस्सा टिंडों के ऊपर ढक्कन...

18 फीट 8 इंच ऊंचाई के साथ 12 वर्षीय जिराफ सबसे ऊंचा, गिनीज ने कहा, इसकी लम्बाई को मापने के लिए विशेष खंभा बनाया गया

ऑस्ट्रेलिया के चिड़ियाघर में रहने वाले 12 साल के जिराफ ने गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया है। जिराफ का नाम फॉरेस्ट है। गिनीज़ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स ने फॉरेस्ट को दुनिया का सबसे ऊंचा ​जीवित जिराफ घोषित किया है। इसकी लम्बाई 18 फीट 8 इंच है। गिनीज के मुताबिक, जिराफ की लम्बाई को नापना बेहद मुश्किल रहा। इसके लिए स्टाफ को एक विशेष नाप वाला खंभा बनाना। यह जिराफ क्वींसलैंड के ऑस्ट्रेलिया जू में रहता है।, संरक्षणकर्ता स्टीव इरविन का परिवार करता है देखरेख क्वींसलैंड के ऑस्ट्रेलिया जू का संचालन दिवंगत ऑस्ट्रेलियाई संरक्षणवादी स्टीव इरविन का परिवार करता है। फॉरेस्ट ने जब गिनीज रिकॉर्ड बनाया तो इसकी घोषणा उनकी बेटी बिंडी इरविन ने की। यहां के चिड़ियाघर में हर साल 7 लाख लोग आते हैं। फॉरेस्ट का जन्म न्यूजीलैंड में हुआ था बिंडी कहती हैं कि इस जिराफ का जन्म 2007 में न्यूजीलैंड के ऑकलैंड जू में हुआ था और दो साल बाद इसे नए घर में ट्रांसफर किया गया था। यह काफी ऊंचा है। इसकी ऊंचाई दूसरे दो जिराफ पर भारी पड़ती है। यह हमारे चिड़ियाघर का एकमात्र मेल जिराफ है। कोशिश रहेगी की इसकी अगली पीढ़ियां यहां जन्म लें वह कहती है...

रैपिड एंटीजन टेस्ट 20 मिनट में कोरोना की जांच करता है और आरटी-पीसीआर 12 घंटे में बताता है कि मरीज पॉजिटिव है या नहीं

देश में कोरोना के मामले बढ़ रहे हैं। इसकी एक वजह यह भी है कि देश में जांच का दायरा बढ़ रहा है। कोविड-19 की जांच के लिए कई तरह के टेस्ट किए जा रहे हैं। लेकिन ज्यादातर लोग इन जांच में फर्क नहीं समझ पा रहे हैं। जैसे आरटी- पीसीआर, रैपिड एंटीजन टेस्ट और ट्रू नेट टेस्ट में क्या अंतर यह कैसे समझें। जानिए कोरोना की कौन सी जांच कब कराएं... #1) आरटी- पीसीआर टेस्ट क्या है : कोरोना वायरस की जांच का तरीका है। इसमें वायरस के आरएनए की जांच की जाती है। आरएनए वायरस का जेनेटिक मटीरियल है। तरीका क्या है : नाक एवं गले के तालू से स्वैब लिया जाता है। ये टेस्ट लैब में ही किए जाते हैं। रिजल्ट आने में कितना समय लगता है : 12 से 16 घंटे एक्यूरेसी कितनी है : टेस्टिंग की इस पद्धति की विश्वसनीयता लगभग 60% है। कोरोना संक्रमण के बाद भी टेस्ट निगेटिव आ सकता है। मरीज को लक्षणिक रूप से भी देखा जाना जरूरी है। #2) रैपिड एंटीजन टेस्ट (रैट) क्या है : कोरोना संक्रमण के वायरस की जांच की जाती है। तरीका क्या है : नाक से स्वैब लिया जाता है। वायरस में पाए जाने वाले एंटीजन का पता चलता है। रिजल्ट आने में कितना समय लग...

30 जून का मूलांक 3 और भाग्यांक 4 है, व्यापारियों के लिए संभलकर रहने का दिन हैं, महिलाओं को लाभ मिल सकता है

मंगलवार, 30 जून का मूलांक 3, भाग्यांक 4, दिन अंक 9, मासांक 6 और चलित अंक 2, 7 और अंक 2, 7 की अंक 3, 4 के साथ प्रबल मित्र युति बन रही है। अंक 3 की अंक 2, 7 के साथ मित्र युति, अंक 6 के साथ विरोधी युति बनी है। अंक 6 की अंक 4 के साथ विरोधी युति और अंक 9 की अंक 2, 7 विरोधी युति बन रही है। अंक 3 के साथ प्रबल मित्र युति और अंक 6 के साथ परस्पर विरोधी युति बनी है। जानिए अंकों के इन योगों की वजह से आपके लिए कैसा रहेगा मंगलवार, 30 जून का दिन... अंक 1- कपड़ों का खुदरा कारोबार करने वालों को लाभ हो सकता है। शेयर बाजार में अनुकूलता रह सकती है। यात्रा फायदा दे सकती है। क्या करें- शिवपंचाक्षरस्तोत्र का पाठ करें। महत्वपूर्ण अंक- 2, महत्वपूर्ण रंग- सफेद अंक 2- नकली गहनों के कारोबारियों को संभलकर काम करना होगा। ब्लड प्रेशर और ब्लड शुगर के मरीज लापरवाही बिलकुल न करें। धन का वापस आना अटक सकता है। क्या करें- जल में चावल डालकर सूर्य देव को अर्घ्य दें। महत्वपूर्ण अंक- 1, महत्वपूर्ण रंग- सुनहरा अंक 3- आईटी से जुड़े लोगों को अधिक अनुकूलता रह सकती है। कॉर्पोरेट सेक्टर में काम करने वाली महिलाओं को ल...

रामचरित मानस; पुष्प वाटिका प्रसंग, श्रीराम ने कैसे स्वीकारा सीता का प्रेम

जीवन मंत्र डेस्क. मार्गशीर्ष महीने के शुक्लपक्ष की पंचमी तिथि पर श्रवण नक्षत्र में सीता-राम विवाह की परंपरा है। माना जाता है त्रेतायुग में इसी संयोग पर श्रीराम और सीता का विवाह हुआ था। इस दिन को विवाह पंचमी कहा जाता है। इस बार ये पर्व रविवार 1 दिसंबर को मनाया जाएगा। सीता-राम विवाह से जुड़े प्रसंग वाल्मीकि रामायण और तुलसीदास रचित रामचरित मानस में बताए गए हैं। जिनसे कई बातें सीखने को मिलती है। तुलसी रामायण यानी रामचरित मानस में श्रीराम और सीता का पुष्प वाटिका प्रसंग बताया गया है। जो इस प्रकार है - पुष्प वाटिका प्रसंग विश्वामित्र अपने शिष्य श्रीराम और लक्ष्मण के साथ जबमिथिला पहुंचते हैं तो जनकवाटिका में रुकते हैं। वहां पर सुबह-सुबह श्रीराम और लक्ष्मणगुरु के पूजन के लिए फूल लेने के लिए पुष्प वाटिका में जाते हैं। वहांसीता जी भी अपनी सखियों के साथ मां सुनयना के आदेश से पार्वती मंदिर में पूजा के लिए आती हैं। वहां सीता श्रृंगार सहित आती हैं। उनकी ध्वनि राम के कानों में गूंजती है। इस पर श्रीराम को पहले से ही आभास हो जाता है और वो लक्ष्मण से कहते हैं कि कामदेव नगाड़े बजाते हुए आ रहे हैं। ...

4 अक्टूबर को मंगल टेढ़ी चाल के साथ आ जाएगा मीन राशि में; 7 राशियों के लिए अशुभ, लेकिन अर्थव्यवस्था में सुधार होने के योग

4 अक्टूबर, रविवार को मंगल ग्रह टेढ़ी चाल से चलता हुआ अपनी राशि मेष से निकलकर एक राशि पीछे यानी मीन में चला जाएगा। मंगल अब मीन राशि में 23 दिसंबर तक रहेगा। जिसका शुभ-अशुभ असर सभी राशियों पर रहेगा। काशी के ज्योतिषाचार्य पं. गणेश मिश्र के मुताबिक मंगल का प्रभाव युद्ध, भूमि, साहस, पराक्रम और बिजनेस पर भी होता है। साथ ही ये ग्रह वैवाहिक जीवन, भौतिक सुख-सुविधाओं और सफलता को भी प्रभावित करता है। मंगल का राशि परिवर्तन तुला और मकर राशि वालों के लिए शुभ रहेगा। भविष्यवाणी: सोने-चांदी की कीमतें और शेयर बाजार बढ़ेगा पं. मिश्र का कहना है कि सोने-चांदी की कीमतें बढ़ सकती हैं। रेशमी कपड़े, प्लास्टिक और रसायनिक चीजों की कीमतें भी बढ़ने के योग बन रहे हैं। शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव के बाद तेजी आएगी। मशीनरी भी महंगी हो सकती हैं। इनके अलावा खाद्य पदार्थों की कीमतों में कमी आने की संभावना है। दलहन और तिलहन भी सस्ता होगा। इसके साथ ही प्रॉपर्टी की खरीदी-बिक्री के लिए सामान्य समय रहेगा। मंगल की वजह से हवाई या पानी से जुड़ी दुर्घटना होने की आशंका है। देश के कुछ हिस्सों में हवा के साथ बारिश रहेगी। भूकंप या अन्य तर...