महालया का आखिरी दिन आज:सूर्य के जरीये ही हमारे पितरों तक पहुंचता है श्राद्ध, इस बार शुभ संयोग में सूर्य को जल चढ़ाने से भी संतुष्ट होंगे पितर
सूर्य किरण के जरीये चंद्रमा से आते हैं पितर इसलिए पुराणों में सूर्य का एक नाम पितर भी बताया गया है
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